बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी: लेखक/कवि का नाम, जन्म और मृत्यु याद करके ऐसे लाएं 30 से 40 नंबर!
बिहार बोर्ड (BSEB) मैट्रिक परीक्षा में हिंदी विषय का स्कोर बढ़ाने के लिए गद्य खंड (कहानी, निबंध आदि) और पद्य खंड (कविता) के लेखकों और कवियों का परिच
सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि आप सही रणनीति के साथ गद्य और पद्य के लेखक/कवि का नाम, पाठ का प्रकार और उनकी जन्म-मृत्यु की तिथि को तैयार कर लेते हैं, तो वस्तुनिष्ठ (Objective) और विषयक (Subjective) प्रश्नों को मिलाकर आसानी से 30 से 40 अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
इस लेख में हम स्टेप-बाय-स्टेप जानेंगे कि इसे कैसे याद करें और परीक्षा में कैसे लिखें ताकि एक भी नंबर न कटे।
1: पाठ्यक्रम (Syllabus) को गद्य और पद्य खंड में बांटें
सबसे पहले अपनी पाठ्यपुस्तक ‘गोदहली’ (भाग 2) और ‘वर्णिका’ (भाग 2) के सभी अध्यायों की एक सूची बनाएं। इसे दो भागों में विभाजित करें:
- गद्य खंड (कहानियाँ, निबंध, यात्रा-वृत्तांत, भाषण आदि): इसमें हर पाठ के सामने उसके लेखक का नाम और उनकी जन्म-मृत्यु वर्ष लिखें।
- पद्य खंड (कविताएं): इसमें हर कविता के सामने उसके रचनाकार (कवि) का नाम और उनकी जन्म-मृत्यु वर्ष लिखें।
2: परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?
बिहार बोर्ड परीक्षा में इस सेक्शन से मुख्य रूप से तीन प्रकार के प्रश्न आते हैं:
- बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs): जैसे— “श्रम विभाजन और जाति प्रथा’ पाठ के लेखक कौन हैं?” या “भीमराव अंबेडकर का जन्म कब हुआ था?”
- मिलान करने वाले प्रश्न: सूची ‘अ’ को सूची ‘ब’ से मिलाने के लिए दिया जाता है (लेखक को उनकी रचनाओं या जन्म वर्ष से मिलाना)।
- व्याख्या और सारांश: किसी पाठ या कविता का सारांश लिखते समय यदि आप लेखक/कवि का नाम और उनके जन्म वर्ष का सटीक उल्लेख करते हैं, तो परीक्षक पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है और पूरे अंक मिलते हैं।
3: याद करने की स्मार्ट और आसान तकनीक
एक साथ सभी तारीखों और नामों को याद करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए नीचे दिए गए तरीकों को अपनाएं:
- शॉर्ट नोट्स (Short Notes) बनाएं: एक अलग छोटी कॉपी या चार्ट पेपर पर सभी पाठों के नाम, लेखक/कवि, जन्म वर्ष और मृत्यु वर्ष की एक टेबल खुद से लिखकर अपने स्टडी टेबल के सामने चिपका दें।
- प्रतिदिन 5 मिनट रिवीजन: रोज सुबह या रात में सोने से पहले सिर्फ 5 मिनट इस चार्ट को देखें। हफ्ते भर में सारे नाम और सन दिमाग में बैठ जाएंगे।
- तुलनात्मक अध्ययन (Grouping): जिन लेखकों का जन्म वर्ष आसपास का है, उन्हें एक साथ समूह (Group) बनाकर याद करें। इससे भ्रम (Confusion) नहीं होता है।
- मॉक टेस्ट और क्विज़ दें: पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (Previous Years Question Papers) को हल करें और देखें कि कौन-से लेखक सबसे ज्यादा बार पूछे गए हैं।
4: उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) में लिखने का सही तरीका
परीक्षा में लिखते समय प्रस्तुति (Presentation) बहुत मायने रखती है। जब भी आप किसी प्रश्न का उत्तर दें या किसी पाठ का सारांश लिखें, तो इन बातों का ध्यान रखें:
सुझाव: जब भी गद्य या पद्य खंड का उत्तर लिखें, लेखक या कवि का नाम काले पेन (Black Pen) से लिखें और उसे इनवर्टेड कॉमा (” “) या अंडरलाइन जरूर करें।
“प्रस्तुत पाठ ‘विष के दाँत’ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘गोदहली भाग 2’ से ली गई है, जिसके रचयिता महान कहानीकार नलीन विलोचन शर्मा जी हैं। इनका जन्म 1916 ई. में पटना के बदरघाट में हुआ था।”
इस तरह सटीक जानकारी देने से परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और वह आपको पूरे अंक देता है।
लेखक का नाम जन्म निधन कहानी कर का PDF डाउनलोड का लिंक दिया गया है
निष्कर्ष
बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा में सफलता पाने के लिए गद्य और पद्य के परिचय को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। यदि आप नियमित रूप से लेखक, कवि, जन्म और मृत्यु के आंकड़ों का अभ्यास करते हैं, तो वस्तुनिष्ठ और विषयक दोनों खंडों में आपके 30 से 40 अंक पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे। आज ही अपनी एक टेबल बनाएं और अपनी तैयारी को पक्का करें!
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