Bihar Board Matric Exam 2027 | दीपावली पर 10 नंबर का निबंध | ऐसे लिखें Full Marks मिलेगा
‘दीपावली‘ विषय पर एक शानदार निबंध दिया गया है:
दीपावली: प्रकाश का महापर्व
(i) प्रस्तावना
दीपावली, जिसे ‘दीपों का त्योहार’ भी कहा जाता है, भारत के सबसे प्रमुख और लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। यह त्योहार अंधकार पर प्रकाश की, बुराई पर अच्छाई की और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। दीपावली का नाम संस्कृत के दो शब्दों ‘दीप’ और ‘आवली’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है ‘दीपों की पंक्ति’। यह त्योहार न केवल रोशनी फैलाता है, बल्कि लोगों के दिलों में खुशियाँ और भाईचारा भी भर देता है।
(ii) दीपावली कब और क्यों मनाते हैं?
दीपावली का त्योहार प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ चौदह वर्षों का वनवास काटकर और लंकापति रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे। उनके आने की खुशी में अयोध्यावासियों ने पूरी नगरी को घी के दीपों से रोशन कर दिया था। तब से ही हर वर्ष दीपावली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसके अलावा, इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना भी की जाती है ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे।
(iii) लाभ-हानि
दीपावली का त्योहार जहाँ खुशियों का संचार करता है, वहीं इसके कुछ सकारात्मक और नकारात्मक पहलू भी हैं:
लाभ :-
दीपावली के माध्यम से लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और अपने मतभेद भुलाकर प्रेमपूर्वक त्योहार मनाते हैं। घरों की साफ-सफाई और सजावट से सकारात्मक ऊर्जा आती है। साथ ही, यह त्योहार अर्थव्यवस्था को गति देता है क्योंकि इस दौरान बाजारों में खूब चहल-पहल रहती है और व्यापारियों को बहुत लाभ होता है।
हानि:
आजकल दीपावली पर अत्यधिक पटाखों का प्रयोग किया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके अतिरिक्त, लापरवाही से पटाखे चलाने के कारण आग लगने या चोटिल होने जैसी दुर्घटनाएँ भी हो सकती हैं।
(iv) निष्कर्ष
दीपावली प्रकाश और उल्लास का त्योहार है। हमें इसके महत्व को समझते हुए इसे सुरक्षित तरीके से मनाना चाहिए। हमें पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों से परहेज करना चाहिए और अधिक से अधिक दीये जलाकर इसे ‘ग्रीन दीपावली’ के रूप में मनाना चाहिए। यह त्योहार हमें सिखाता है कि जिस प्रकार एक छोटा सा दीया घने अंधकार को मिटा सकता है, उसी प्रकार हम भी अपने भीतर के अज्ञान और बुराई के अंधकार को मिटाकर जीवन में सुख और शांति ला सकते हैं।

